-
516
छात्र -
462
छात्राएं -
37
कर्मचारीशैक्षिक: 31
गैर-शैक्षिक: 7
परिकल्पना
- के. वि. सं. उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अपने छात्रों को ज्ञान/मूल्य प्रदान करने और उनकी प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता का पोषण करने में विश्वास रखता है।
उद्देश्य
- शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना है।
- स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने और गति निर्धारित करने के लिए।
- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) आदि जैसे अन्य निकायों के सहयोग से शिक्षा में प्रयोग और नवाचारों को शुरू करना और बढ़ावा देना।
- राष्ट्रीय एकता की भावना का विकास करना और बच्चों में “भारतीयता” की भावना पैदा करना।

विद्यालय के बारे में
उत्पत्ति
आईटीबीपी स्कूल वास्तव में आईटीबीपी अधिकारियों द्वारा परिसर में सेवारत सैनिकों के बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के लिए शुरू किया गया था। स्कूल को केवीएस द्वारा उनसे ले लिया गया और 26 सितंबर 1988 को शामिल किया गया ..
विद्यालय के दृष्टिकोण के बारे में
पीएम श्री के वी आईटीबीपी शिवपुरी का दृष्टिकोण बच्चों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है। यह न केवल शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करता है बल्कि बच्चे के समग्र विकास पर भी समान रूप से काम करता है। अनुभवात्मक शिक्षा रोजमर्रा के शिक्षण का एक मुख्य घटक है।.
विद्यालय के उद्देश्य के बारे में
पीएम श्री के वी आईटीबीपी शिवपुरी का दृष्टिकोण बच्चों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है। यह न केवल शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करता है बल्कि बच्चे के समग्र विकास पर भी समान रूप से काम करता है। अनुभवात्मक शिक्षा रोजमर्रा के शिक्षण का एक मुख्य घटक है।
संदेश
श्री विकास गुप्ता, भा. प्र. से., आयुक्त
शिक्षक दिवस 2026 के अवसर पर मैं देश के समस्त शिक्षक समुदाय को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ।
आज जब शिक्षा का क्षेत्र तीव्र गति से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, तब भी शिक्षण की मूल भावना और उसका सार शाश्वत है। देशभर के केन्द्रीय विद्यालयों में हमारे शिक्षक पूर्ण समर्पण, प्रतिबद्धता और अटूट उत्साह के साथ शिक्षा के उद्देश्य को आगे बढ़ा रहे हैं।
श्रीमती शाहिदा परवीन
उप आयुक्त
प्रिय विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं समस्त केंद्रीय विद्यालय परिवार, सप्रेम नमस्कार। केंद्रीय विद्यालय संगठन, भोपाल संभाग की वेबसाइट पर आप सभी का हार्दिक स्वागत है। यह प्लेटफ़ॉर्म न केवल सूचना और संसाधनों का केंद्र है, अपितु यह हमारे साझा शैक्षिक दृष्टिकोण, मूल्यों और प्रयासों का प्रतिबिंब भी है। मुझे यह संदेश साझा करते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है कि केंद्रीय विद्यालय संगठन, भोपाल संभाग, केविसं (मु०) नई दिल्ली के दिशा-निर्देशन में निरंतर राष्ट्रीय शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता के उच्चतम मानदंडों को स्थापित करने के अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर है। भारत जैसे विविधता-सम्पन्न देश में शिक्षा केवल ज्ञान का माध्यम नहीं है, यह सामाजिक समरसता, नैतिक मूल्यों, और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध की भावना का संवाहक भी है। केंद्रीय विद्यालय संगठन की स्थापना 1963 में भारत सरकार द्वारा इस उद्देश्य से की गई थी कि सैनिकों, अर्धसैनिक बलों, केंद्रीय कर्मचारियों और अन्य स्थानांतरणीय कर्मचारियों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, सतत और एकसमान शिक्षा प्रदान की जा सके। आज KVS न केवल भारत में, बल्कि विदेशों में भी शिक्षा की एक सशक्त शृंखला बन चुका है, जिसमें लाखों विद्यार्थी अध्ययनरत हैं और हजारों शिक्षक उन्हें ज्ञान, संस्कार और जीवन के मूल्य सिखा रहे हैं। हमारे देश की नई शिक्षा नीति (NEP 2020) शिक्षा प्रणाली में आमूलचूल परिवर्तन का आह्वान करती है। यह केवल पाठ्यक्रम और परीक्षा प्रणाली में सुधार की बात नहीं करती, बल्कि यह समावेशी, बहु-विषयक, और छात्र-केंद्रित शिक्षा की बात करती है। KVS ने NEP 2020 के मार्गदर्शक सिद्धांतों को अपनाते हुए कई महत्त्वपूर्ण पहलें प्रारंभ की हैं: • Foundational Literacy and Numeracy (FLN) को प्राथमिक कक्षाओं में लागू करना। • बहु-भाषिकता को प्रोत्साहन देना। • कला एकीकरण (Art Integration) और खेल आधारित शिक्षा (Sports Integration) को कक्षा शिक्षण में समाहित करना। 21वीं सदी के कौशल जैसे कि आलोचनात्मक सोच, समस्या समाधान, रचनात्मकता और डिजिटल साक्षरता पर बल देना। ये सभी प्रयास विद्यार्थियों को न केवल परीक्षा के लिए, बल्कि जीवन के लिए तैयार करने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं। हमारे कार्यरत शिक्षकगण न केवल ज्ञान के दाता हैं, बल्कि वे एक संरक्षक, मार्गदर्शक और प्रेरक की भूमिका भी निभाते हैं। एक शिक्षक की भूमिका अब केवल पाठ्यक्रम पढ़ाने तक सीमित नहीं रह गई है। वे विद्यार्थियों में जिज्ञासा उत्पन्न करते हैं, उन्हें आत्म-शिक्षण के लिए प्रेरित करते हैं, और एक उत्तरदायी नागरिक के रूप में ढालते हैं। हमारे शिक्षकगण निरंतर प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कार्यशालाओं और नवाचारों के माध्यम से अपने शिक्षण को अद्यतन और प्रभावी बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमें गर्व है कि हमारे विद्यालयों में ऐसे शिक्षक कार्यरत हैं, जो बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर समर्पित रहते हैं। KVS के विद्यार्थी पूरे देश में अपनी योग्यता, अनुशासन और नैतिक मूल्यों के लिए पहचाने जाते हैं। विभिन्न बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन, विज्ञान, खेल, कला, और संस्कृति के क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ, तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर KVS के छात्रों की उपस्थिति हमें गर्व से भर देती है। हमारा प्रयास है कि हर विद्यार्थी की विशेषताओं और रुचियों को समझते हुए उन्हें उस दिशा में अवसर प्रदान किए जाएँ, ताकि वे अपनी पूरी क्षमता तक पहुँच सकें। विद्यालयों में अब केवल किताबी ज्ञान पर ज़ोर नहीं, बल्कि समग्र विकास (Holistic Development) को प्राथमिकता दी जा रही है। वर्तमान युग डिजिटल क्रांति का युग है। शिक्षा भी इससे अछूती नहीं रही है। विशेष रूप से COVID-19 महामारी के दौरान, KVS ने तकनीक को अपनाते हुए ऑनलाइन शिक्षा के क्षेत्र में सराहनीय पहल की। हमने ई-कंटेंट, वर्चुअल क्लासरूम्स, शिक्षकों द्वारा बनाए गए डिजिटल संसाधन, और स्वयं पोर्टल जैसे प्लेटफॉर्म्स को प्रभावी रूप से अपनाया। भविष्य में भी हम तकनीक के माध्यम से शिक्षण और अधिगम को और अधिक रोचक, समावेशी और प्रभावशाली बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, हमारे विद्यालयों में नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए ATL (Atal Tinkering Labs), Coding Clubs, Robotics Workshops जैसी गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। KVS प्रशासनिक और शैक्षणिक गतिविधियों में पारदर्शिता, जवाबदेही और सामुदायिक सहभागिता को अत्यंत महत्त्व देता है। विद्यालय प्रबंधन समितियों में अभिभावकों की भागीदारी, विद्यालय स्तर पर खुली बैठकों का आयोजन, और अभिप्राय संग्रहण की प्रक्रिया हमें हमारी कार्यप्रणाली में सुधार के लिए मार्गदर्शन प्रदान करती है। हम अभिभावकों से अनुरोध करते हैं कि वे विद्यालय की गतिविधियों में सक्रिय भाग लें, शिक्षकों से संवाद बनाए रखें और अपने बच्चों को सकारात्मक वातावरण प्रदान करें। KVS का लक्ष्य न केवल अकादमिक उत्कृष्टता है, बल्कि ऐसी शिक्षा व्यवस्था का निर्माण करना है जो: • विद्यार्थियों को वैश्विक नागरिक बनाए, • उनमें संवेदनशीलता और सहानुभूति का भाव विकसित करे, • उन्हें नवाचार और उद्यमिता की ओर प्रेरित करे, • तथा भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को आत्मसात करते हुए आधुनिक तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना सिखाए। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हमारे विद्यालय "ज्ञान, चरित्र और सेवा" के त्रिसूत्रीय मंत्र को आत्मसात करें और एक ऐसे भारत के निर्माण में योगदान दें जो शिक्षित, सशक्त और समृद्ध हो। अंत में, मैं सभी विद्यार्थियों को यह संदेश देना चाहती हूँ कि अपने सपनों को साकार करने के लिए कठोर परिश्रम, अनुशासन और आत्म-विश्वास को अपना साथी बनाइए। हर चुनौती आपके लिए एक अवसर है, और हर असफलता सीखने की एक सीढ़ी। शिक्षकों से अपेक्षा करती हूँ कि वे विद्यार्थियों के जीवन को मूल्यवान और अर्थपूर्ण बनाने में अपनी भूमिका को दृढ़ता से निभाएँ। अभिभावकों से अनुरोध है कि वे विद्यालय के साथ मिलकर एक सशक्त भविष्य निर्माण में सहयोग करें। आइए, हम सब मिलकर एक ऐसे शैक्षिक वातावरण का निर्माण करें जहाँ प्रत्येक विद्यार्थी स्वाभिमानी, सक्षम और संवेदनशील नागरिक बनकर राष्ट्र की सेवा में अपना योगदान दे सके। धन्यवाद। (शाहिदा परवीन) उपायुक्त केंद्रीय विद्यालय संगठन भोपाल संभाग
और पढ़ें
पुनीता ज्योति
प्राचार्य
प्रत्येक बच्चा एक बीज की तरह होता है और अगर इसे प्यार, देखभाल और उचित मार्गदर्शन से पोषित किया जाए तो इसमें बढ़ने की क्षमता होती है। वर्तमान परिदृश्य में यह आवश्यक है कि बच्चे न केवल शिक्षा में उत्कृष्ट हों, बल्कि उनमें सहानुभूति, अनुशासन, व्यक्तित्व, संवेदनशीलता और पारंपरिक मूल्यों का भी विकास हो। शिक्षा वह उपकरण है जिसके द्वारा ही राष्ट्रीय एवं सांस्कृतिक मूल्यों का विकास किया जा सकता है। यह ध्यान में रखते हुए कि पढ़ाना एक जीवन को हमेशा के लिए छूना है, हम समग्र शिक्षा प्रदान करने में विश्वास करते हैं जिसमें शैक्षणिक, सह-पाठ्यचर्या संबंधी गतिविधियाँ, खेल शिक्षा और जीवन-कौशल शामिल हैं। मैं सीखने की एक नई दुनिया में आपका स्वागत करना चाहती हूं जो विद्यालय में प्रवेश पाने वाले प्रत्येक बच्चे को प्रदान की जाती है। आशा है कि इस विद्यालय में प्रत्येक बच्चे की यात्रा निश्चित रूप से सार्थक परिणाम देने और हमारे साझा सपनों की परिकल्पना करने में मदद करेगी। "अंकुर बड़े होकर अध्ययन वृक्ष बनें और शाखाएँ फैलाएँ।"
और पढ़ेंअद्यतनीकरण
दिखाने के लिए कोई पोस्ट नहीं
चीजों का अन्वेषण करें
शैक्षणिक योजनाकार
शैक्षणिक योजना सीखने की प्रक्रियाओं में एक महत्वपूर्ण...
शैक्षिक परिणाम
दसवीं और बारहवीं कक्षा के लिए विद्यालय सीबीएसई परिणाम...
बाल वाटिका
बालवाटिका:- केंद्रीय विद्यालयों में प्री स्कूल शिक्षा।
निपुण लक्ष्य
समझ और संख्यात्मकता के साथ पढ़ने में दक्षता के लिए...
शैक्षणिक हानि कार्यक्रम का मुआवजा (सीएएलपी)
सुबह की सभा के दौरान और शीतकालीन अवकाश...
अध्ययन सामग्री
अध्ययन सामग्री क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा प्रदान की जाती...
कार्यशालाएँ एवं प्रशिक्षण
ऑनलाइन कार्यशालाएँ आयोजित की जाती हैं, शिक्षक अपने...
विद्यार्थी परिषद
सत्र की शुरुआत में स्कूल कैप्टन, वाइस कैप्टन, हाउस...
अपने स्कूल को जानें
केन्द्रीय विद्यालय, आई.टी.बी.पी.शिवपुरी की स्थापना ...
अटल टिंकरिंग लैब
इस योजना का उद्देश्य युवा मन में जिज्ञासा, रचनात्मकता...
डिजिटल भाषा लैब
यह एलएसआरडब्ल्यू (सुनना, बोलना, पढ़ना और लिखना) पद्धति
आईसीटी - ई-क्लासरूम एवं प्रयोगशालाएँ
आईसीटी बुनियादी ढांचे में हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर,...
पुस्तकालय
पुस्तकालय पुस्तकों और संभवतः अन्य सामग्रियों और...
प्रयोगशालाएँ - भौतिकी/रसायन विज्ञान/जीवविज्ञान
प्रयोगशाला या प्रदर्शन विद्यालय रचनात्मकता और प्रयोग...
भवन एवं बाला पहल
बाला (शिक्षण सहायता के रूप में भवन) स्कूल भवन....
खेल अवसंरचना (खेल के मैदान)
हमारा आधुनिक खेल बुनियादी ढांचा छात्रों को उनकी पसंद...
एसओपी/एनडीएमए
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण/एस ओ पी
खेल
केवी आईटीबीपी शिवपुरी के 11 छात्रों ने भोपाल क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया...
एनसीसी/स्काउट एवं गाइड
स्काउट गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। वर्तमान में...
शिक्षा भ्रमण
भ्रमण यात्राएँ आयोजित की गईं,
ओलम्पियाड
गणित ओलंपियाड और विज्ञान ओलंपियाड नियमित...
प्रदर्शनी - एनसीएससी/विज्ञान/आदि
विज्ञान प्रदर्शनी स्कूल स्तर पर आयोजित की जाती है, विजेताओं...
एक भारत श्रेष्ठ भारत
ईबीएसबी गतिविधियां क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा उपलब्ध...
हस्तकला या शिल्पकला
कला और शिल्प गतिविधियाँ नियमित रूप से आयोजित...
मजेदार दिन
प्रत्येक शनिवार मनोरंजन दिवस के लिए समर्पित है|
युवा संसद
भारतीय युवा संसद एक ऐसा मंच है, जहाँ सभी विचारधाराओं...
पीएम श्री स्कूल
पीएम श्री स्कूल भारत सरकार द्वारा एक केंद्र प्रायोजित योजना है।
कौशल शिक्षा
मिट्टी के बर्तन बनाने जैसे कौशल शिक्षा प्रदान करने के लिए...
मार्गदर्शन एवं परामर्श
नियमित अंतराल पर मार्गदर्शन एवं परामर्श सत्र आयोजित...
सामाजिक सहभागिता
छात्रों को समुदाय की सेवा करने के लिए प्रेरित किया जाता है|
विद्यांजलि
विद्यांजलि स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग, शिक्षा मंत्रालय...
प्रकाशन
विद्यालय पत्रिका शीघ्र ही प्रकाशित की जाएगी।
समाचार पत्र
समाचार पत्र त्रैमासिक रूप से प्रकाशित होता है
विद्यालय पत्रिका
विद्यालय पत्रिका शीघ्र ही प्रकाशित की जाएगी।
देखें क्या हो रहा है ?
विद्यार्थियों के बारे में समाचार और कहानियाँ, तथा विद्यालय में नवाचार
उपलब्धियाँ
शिक्षक
विद्यार्थी
नवप्रवर्तन
एफएलएन गतिविधि
विद्यालय टॉपर्स
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा कक्षा दसवीं और कक्षा बारहवीं
कक्षा दसवी
कक्षा बारहवी
विद्यालय परिणाम
वर्ष 2022-23
उपस्थित 85 उत्तीर्ण 83
वर्ष 2023-24
उपस्थित 67 उत्तीर्ण 67
वर्ष 2024-25
उपस्थित 81 उत्तीर्ण 80
वर्ष 2025-26
उपस्थित 72 उत्तीर्ण 72
वर्ष 2022-23
उपस्थित 79 उत्तीर्ण 73
वर्ष 2023-24
उपस्थित 43 उत्तीर्ण 42
वर्ष 2024-25
उपस्थित 63 उत्तीर्ण 62
वर्ष 2025-26
उपस्थित 45 उत्तीर्ण 45